हाल ही में भारत और पाकिस्तान के बीच हुए चार दिन के युद्ध में एयर वॉर के कई पहलू सामने आए, जहां पाकिस्तान ने भारत पर कई ड्रोन और मिसाइलें दागीं, लेकिन भारत ने हर टारगेट और ड्रोन को S-400 मिसाइल डिफेंस सिस्टम और आकाश मिसाइल डिफेंस सिस्टम से रोक दिया।
इस चार दिन चले युद्ध में पाकिस्तान ने लगभग 800 से 900 ड्रोन भारत पर छोड़े, जिन्हें भारत की डिफेंस प्रणाली ने पूरी तरह से निष्क्रिय कर दिया।
- S-400 की 600 किमी डिटेक्शन रेंज और 400 किमी टारगेटिंग क्षमता ने पाकिस्तान की मिसाइलों को ढेर किया।
- Akash सिस्टम ने एक साथ 12 टारगेट नष्ट किए और 200 टारगेट ट्रैक किए।
- Barak 8 ने दिल्ली पर दागी गई Fatah-II मिसाइल को इंटरसेप्ट किया।
- Pechora सिस्टम की 92% किलिंग एक्यूरेसी ने लो-हाइट टारगेट्स को खत्म किया।
- Bhargavastra ने 2.5 किमी रेंज में ड्रोन स्वार्म को माइक्रो रॉकेट्स से तबाह किया।
सबसे बड़ी बात यह रही कि पाकिस्तान की डिफेंस प्रणाली भारत द्वारा ड्रोन और एयरक्राफ्ट से छोड़ी गई मिसाइलों को नहीं रोक सकी।
ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान की डिफेंस प्रणाली के पूरी तरह फेल हो जाने के बाद अब वह जर्मनी से एक नई डिफेंस प्रणाली लेने की बात कर रहा है जो ब्रह्मोस जैसी सुपरसोनिक मिसाइलों को भी रोक सके।
आज के इस लेख में हम भारत और पाकिस्तान के डिफेंस सिस्टम्स के बारे में विस्तार से जानेंगे और समझेंगे कि किसका डिफेंस सिस्टम ज्यादा ताकतवर है।
📑 Table of Contents
S-400 डिफेंस सिस्टम
S-400 मिसाइल डिफेंस सिस्टम, जिसे भारत का ‘सुदर्शन चक्र’ भी कहा जाता है, एक एडवांस्ड डिफेंस सिस्टम है जिसकी डिटेक्शन रेंज 600 किलोमीटर और टारगेटिंग रेंज 400 किलोमीटर है। यह एक मोबाइल डिफेंस सिस्टम है यानी यह समय-समय पर अपनी पोजीशन बदल सकता है।
कीमत: लगभग 5.43 बिलियन अमेरिकी डॉलर (रूस से खरीदा गया)
अधिकतम स्पीड: 14 Mach
ऊंचाई: 30 किमी तक के लक्ष्य को नष्ट कर सकता है
एक साथ 80 टारगेट डिटेक्ट और 36 को एक साथ नष्ट कर सकता है
रेस्पॉन्स टाइम: 9–10 सेकंड
उपयोगकर्ता देश: रूस, चीन, भारत, बेलारूस
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आकाश मिसाइल डिफेंस सिस्टम
आकाश एक शॉर्ट टू मीडियम रेंज मिसाइल डिफेंस सिस्टम है जिसे DRDO और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड ने मिलकर विकसित किया है। इसकी रेंज 5 से 25 किलोमीटर है।
एक साथ 64 टारगेट ट्रैक और 12 को नष्ट कर सकता है
एयरक्राफ्ट, क्रूज़ मिसाइल, UAV, बैलिस्टिक मिसाइल, हेलीकॉप्टर को रोक सकता है
3D CAR रडार: 200 टारगेट ट्रैक कर सकता है
ऊंचाई: 18 किमी तक टारगेट नष्ट करने में सक्षम
सफलता दर: 1 मिसाइल से 88%, 2 से 99%
मोबाइल सिस्टम, स्पीड: 3.5 Mach
बराक 8 मिसाइल डिफेंस सिस्टम
बराक 8 एक मीडियम रेंज मिसाइल डिफेंस सिस्टम है जिसे भारत और इज़राइल ने मिलकर विकसित किया है। इसकी रेंज 70 किमी (100 किमी तक बढ़ाई जा सकती है) है।
गति: 2 Mach
वॉरहेड क्षमता: लगभग 60 किलोग्राम
360 डिग्री सुरक्षा कवरेज
क्रूज मिसाइल, बैलिस्टिक मिसाइल, UAV, फाइटर जेट से रक्षा
DRDO और Israel Aerospace Industries द्वारा विकसित
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पेचोरा डिफेंस सिस्टम (S-125 नेवा / पेचोरा)
यह एक मीडियम रेंज सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल प्रणाली है जिसे यूएसएसआर ने विकसित किया था और भारत में 1970 से उपयोग हो रहा है।
उपयोग: स्लो मूविंग और लो एल्टीट्यूड टारगेट्स
रेंज: 30–35 किमी
ऊंचाई: 20 मीटर से 25 किमी
रडार रेंज: 100 किमी
एक बार में 2 टारगेट नष्ट करने की क्षमता
स्पीड: 900 मीटर/सेकंड
किलिंग एक्यूरेसी: 92%
L/70 गन (ओरिजिनल बोफोर्स)
यह एक शॉर्ट रेंज एयर डिफेंस गन है जिसे 1940 में स्वीडन ने बनाया और 1952 में NATO ने अपनाया। भारत ने इसे 1960 में अपनाया।
कैलिबर: 40 mm
फायरिंग रेट: 300 राउंड प्रति मिनट
स्पीड: 1000 मीटर/सेकंड
रेंज: 3–4 किमी
विशेषता: शॉर्ट रेंज ड्रोन और लो-कॉस्ट ड्रोन को रोकने में सक्षम
सीमित क्षमता: फाइटर जेट और हेलीकॉप्टर नहीं रोक सकता
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भार्गवस्त्र एयर डिफेंस सिस्टम
यह एक एंटी-ड्रोन सिस्टम है जिसे सोलर डिफेंस एंड एयरोस्पेस लिमिटेड द्वारा डिजाइन किया गया है। इसका नाम और प्रेरणा महाभारत के एक अस्त्र “भार्गवास्त्र” से ली गई है।
माइक्रो गाइडेड रॉकेट्स से ड्रोन और ड्रोन स्वार्म को 20 मीटर के भीतर नष्ट करता है
रडार रेंज: 6–10 किमी
टारगेट डिटेक्शन रेंज: 2.5 किमी
ऊंचाई पर तैनाती: 5000 फीट तक
कम आकार वाले हवाई खतरों को भी ट्रैक कर सकता है
ऐतिहासिक संबंध: परशुराम का अस्त्र माना जाता है
भारत की ब्रह्मोस अपग्रेड योजना ने पाकिस्तान जैसे पड़ोसी देशों की रातों की नींद उड़ा दी है।
| एयर डिफेंस सिस्टम | रेंज | क्षमता |
|---|---|---|
| S-400 | 400 किमी | 36 टारगेट एक साथ |
| आकाश | 25 किमी | 12 टारगेट एक साथ |
| बराक 8 | 70–100 किमी | 360° सुरक्षा |
निष्कर्ष:
भारत के पास शॉर्ट, मीडियम और लॉन्ग रेंज सभी प्रकार के अत्याधुनिक एयर डिफेंस सिस्टम हैं, जो किसी भी प्रकार के हवाई खतरे से देश की रक्षा करने में सक्षम हैं। वहीं पाकिस्तान की डिफेंस प्रणाली ऑपरेशन सिंदूर में पूरी तरह विफल रही और अब वह नई तकनीक की तलाश में है।
भारत के पास आज दुनिया के सबसे घातक और आधुनिक एयर डिफेंस सिस्टम हैं।चाहे वो S-400 की महाशक्ति हो या भार्गवस्त्र की सटीकता — हर हमला जवाब में तबाह हो गया।पाकिस्तान की डिफेंस तकनीक इस युद्ध में पूरी तरह फेल साबित हुई।ऑपरेशन सिंदूर ने दिखा दिया कि भारत अब सिर्फ जवाब नहीं देता, पहले से तैयार रहता है।ये सिर्फ तकनीक की जीत नहीं, आत्मनिर्भर भारत की गूंज है।
